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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वतन्त्रतादिवस2020 के अवसर पर कहा- कोरोना वायरस में परिस्थितियां विकट हैं।

हेमन्त सोरेन

संवादाता/रांची : मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने #स्वतन्त्रतादिवस2020 के अवसर पर कहा कि कोरोना वायरस में परिस्थितियां विकट हैं। हमारे सामाजिक आर्थिक ताने-बाने को काफी नुकसान हुआ है। परंतु इससे घबराने की जरूरत नहीं। संकट की इस घड़ी में हम सब को मिलकर लड़ना होगा और कोरोना वायरस के विरुद्ध इस संघर्ष में निश्चित रूप से हम विजयी होंगे।

महिलाओं तथा अवयस्कों के विरुद्ध होने वाले यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों पर त्वरित निर्णय हेतु 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय लिया गया है। महिलाओं का सम्मान व सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहरी रोजगार गारंटी योजना का शुभारंभ किया गया। यह योजना शहरी क्षेत्र के अकुशल श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायक होगा। 100 दिनों के रोजगार की गारंटी योजना के तहत है। राज्य सरकार हो, कुडुख एवं मुंडारी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए प्रयासरत है। इसके लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की कार्रवाई की जा रही है। 

वर्तमान सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए कटिबद्ध है। झारखण्ड के छात्र जो विदेश में प्रतिष्ठित संस्थान में उच्च शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं। उन्हें सरकार अनुदान उपलब्ध कराएगी, इसके लिए वर्तमान सरकार द्वारा विशेष छात्रवृत्ति की योजना लागू की जाएगी। स्थानीयता की परिभाषा आंदोलनकारियों के सपनों, यहां के मूलवासियों आदिवासियों की मांग पर केंद्रित नहीं। राज्यवासियों की भावना के अनुरूप स्थानीयता को पुनः परिभाषित करने हेतु समिति का गठन होगा।

हेमन्त सोरेन

स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र में कम से कम 75% पद आरक्षित करने हेतु नियम बनाने का काम होगा। मुख्यमंत्री ने कहा सरकार ऐसे राज्य के निर्माण के संकल्प के साथ बढ़ रही है, जहां किसी के साथ अन्याय ना हो अमीर गरीब, ऊंच-नीच का कोई भेदभाव ना हो। आदिवासियों, दलितों, पिछड़ों, वंचितों एवं अल्पसंख्यकों का संपूर्ण विकास हो। मुख्यमंत्री ने कहा झारखण्ड की जनता भरोसा रखे। राज्य की सरकारी नियुक्तियों में अन्य पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में भागीदारी बढ़ाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। 

खेल नीति के माध्यम से राज्य के सभी खिलाड़ियों एवं सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए खेल को उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने एवं शारीरिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना करवाना है। विश्व आदिवासी दिवस के दिन राजकीय अवकाश घोषित किया गया है। इस अवसर पर पूरे राज्य में जनजातियों के लिए किए गए कार्यों तथा योजनाओं की भव्य प्रदर्शनी सभी जिलों में आयोजित की जाएगी। सरकार आजादी की सौगात देने वाले महापुरुषों और क्रांतिकारियों के शहादत को व्यर्थ जाने नहीं देगी तथा उनके सपनों का झारखण्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।

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